What is meaning of Computer in Hindi
वर्तमान युग कंप्यूटर युग माना जाता है । आज कंप्यूटर संपूर्ण विश्व में एक चमत्कारी परिवर्तन ला चुका है । सरकारी विभागों, संस्थाओं, विभिन्न तरह के संगठनों, बैंको आदि में कंप्यूटर का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा । है जहां विज्ञान, तकनीक, अंतरिक्ष अनुसंधान जैसे महत्वपूर्ण कार्य पूरी तरह कंप्यूटर द्वारा किये जाते हैं, वहीँ कंप्यूटर दैनिक उपयोग के यंत्रों की भांति घर और विश्वविद्यालयों में भी अपना स्थान पा चूका है ।
आज कंप्यूटर को चलाने के लिए वातानुकूलित कमरों की आवश्यकता नहीं रही और न ही उन्हें कोई विशेष रूप से प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा चलाने की और देखभाल करने की आवश्यकता है । पहले की अपेक्षा आधुनिक कंप्यूटर सिद्ढ़ छोटे एवं अधिक शक्तिशाली होते जा रहे हैं और भी बहुत कम विधुत ऊर्जा पर काम करने लगे हैं ।
Meaning of Computer
कंप्यूटर की उत्पत्ति कंप्यूटर शब्द से हुई है जिसका तात्पर्य गणना करना अथवा गिनती करना है कंप्यूटर की स्वयं की तार्किक शक्ति व स्मृति होती है ।
कंप्यूटर एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक यंत्र है जो प्रयोग करता द्वारा दिए गए संदेशों का तुरंत पालन करता है । कंप्यूटर एवं मनुष्य में बड़ा अंतर यह है कि कंप्यूटर में बुद्धि नहीं होती । अतः कंप्यूटर कंप्यूटर उपयोगकर्त इनपुट किए गए अर्थहीन संदेशों को प्राप्त कर उसे प्रोग्राम के नियंत्रण द्वारा अर्थ पूर्ण संदेश में परिवर्तित कर देता है । अतः प्रयोग करताको वे सभी प्रणाम प्राप्त हो जाते हैं जो उसके लिए जरूरी होते । हैं इसके लिए कंप्यूटर को प्रोग्राम की आवश्यकता होती है । आधुनिक कंप्यूटर में स्मृति भंडारण मेमोरी की भी सुविधा उपलब्ध है जिसे प्रयोग करता परिणामों का भंडारण कर सकता है ।
कंप्यूटर द्वारा किसी कार्य विशेष को करवाने के लिए दिए जाने वाले श्रृंखलाबद्ध निर्देशों के समूह को प्रोग्राम कहते हैं । इसके लिए आवश्यक है कि यह निर्देश कंप्यूटर की समझ में आ जाना चाहिए । अत: यह प्रोग्राम लिखने के लिए हम किसी कंप्यूटर भाषा जैसे C, BASIC, PASCAL, आदि का प्रयोग करते हैं ।
Definition of Computer
कंप्यूटर को परिभाषित करने के लिए एक विद्वान ने तो कंप्यूटर शब्द की स्पेलिंग (COMPUTER) के प्रत्येक अक्षर का प्रयोग किया है उन्होंने कंप्यूटर को निम्न प्रकार से प्रकाशित किया है
C=Calculator, O=Operate, M=Memorize, P=Print, U=Update, T=Tabulate, E=Edit, R=Response
अर्थात ऐसा इलेक्ट्रॉनिक यंत्र जो दी गई सूचनाओं को पढ़ व समझ कर उनको दिए गए प्रोग्राम के अनुसार परीकलित करके परिणाम को प्रिंट के रूप में अथवा मॉनिटर पर प्रस्तुत करे । साथ ही दी गई सूचनाओं एवं परिणामों के साथ साथ प्रोग्राम का भंडार भी पुनः प्रयोग के लिए करें ।
Characteristics of Computer
कंप्यूटर के प्रमुख गुण निम्नलिखित हैं –
(1) Speed
एक प्रकार से कंप्यूटर को तीव्र गति का एक ऐसा कैलकुलेटर कहा जा सकता है, जिसके द्वारा असंभव वैज्ञानिक गणनाओ को कुछ ही सेकंड में किया जा सके । आज कंप्यूटर का प्रयोग सेना, विज्ञान व शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ता ही जा रहा है । कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक यंत्र है । आज के कंप्यूटर बहुत तीव्र गति से गणना करते हैं । इन्हें हम इस प्रकार से जान सकते हैं की गति की इकाई सेकंड, (माइक्रोसेकंड सेकंड का एक लाखवां भाग अर्थात 10-6 सेकंड), नैनो सेकंड (10-9), पीको सेकंड (10-12) होती है । आज के कंप्यूटर 18 से 20 अंको वाली संख्याओं को जोड़ने के लिए 300 से 400 नैनो सेकंड का समय लेते हैं ।
(2) Memory
एक व्यक्ति को मस्तिष्क के सभी कार्यों को करने के लिए स्मृति की आवश्यकता होती है । यदि हम कोई गणना करते हैं तो हम गणना के उपरांत प्राप्त परिणाम को भी स्मृति में रखने के बाद ही उत्तर देते हैं । लेकिन एक व्यक्ति सीमित संदेशों को ही अपनी स्मृति में सुरक्षित रख सकता है । अतः जो बात उसके लिए पुरानी होती जाती है वह स्मृति से हटने लगती है ।
कंप्यूटर की स्मृति, जो बहुत अधिक होती है इसमें हम सभी संदेशों को एकत्र करके रख सकते हैं । इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर में प्रयोग की जाने वाली मेमोरी की इकाई किलोबाइट होती है । एक किलोबाइट में 224 स्मृति खंड होते हैं । कंप्यूटर की आंतरिक मेमोरी में सभी संदेशों को संग्रहित कर पाना बहुत कठिन है, इसके लिए हम बाहरी (External Memory) का प्रयोग करते हैं । बाहरी मेमोरी में हम जितने चाहे संदेशों को स्टोर कर सकते हैं और इन्हें कभी भी प्रयोग किया जा सकता है ।
(3) Accuracy (शुध्द्ता)
कंप्यूटर में शुद्ध परिणामों को प्रस्तुत करने की क्षमता बहुत अधिक होती है । अधिकतर कंप्यूटर द्वारा प्रस्तुत की गई शुद्धता प्रयोग करता द्वारा की गई गलती और कंप्यूटर हार्डवेयर में होने वाली खराबी के कारण ही होती है इसका अन्य कोई कारण संभव ही नहीं । है कंप्यूटर में गलतियों को सही करने की क्षमता अन्य यंत्रों के मुकाबले अधिक होती है ।
(4) Automation (स्वचालन)
प्रोग्राम के एक बार कंप्यूटर की मेमोरी में लोड हो जाने पर प्रोग्राम का प्रति एक संदेश सेंट्रल प्रोसेसिंग (Central Processing Unit) यूनिट द्वारा कार्यान्वित होता रहता है । सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट द्वारा यह कार्यान्वयन तब तक चलता रहता है जब तक प्रोग्राम का अंत अर्थात संदेश “प्रोग्राम समाप्त” नहीं आ जाता ।
(5) Versality (व्यापक उपयोग)
जो भी कार्य कंप्यूटर द्वारा संपादित करना होता है उसे एक निश्चित क्रम में बांधा जाता है, फिर डाटा इस तरह निश्चित सांचे में ढाला जाता है कि वह कंप्यूटर को ग्रहण हो सके । इस प्रकार कंप्यूटर द्वारा मुख्य रूप से निम्न 4 कार कराए जाते हैं-
(अ) प्रयोगकरता द्वारा इनपुट आउटपुट युक्तियों द्वारा डाटा का आधार प्रदान कराना ।
(ब) प्रयोगकरता द्वारा इनपुट की गई सूचना का आंतरिक स्थानांतरण ।
(स) अंकगणितीय गणना दोबारा प्राप्त करना ।
(द) कंप्यूटर में इनपुट की गई सूचनाओं का तुलनात्मक विवेचन करना ।
(6) Deligency (क्षमता)
कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक यंत्र है, तथा इलेक्ट्रॉनिक यंत्र में कार्यभार अधिक होने पर भी खराबी के लक्षण नहीं पाए जाते । लेकिन कई यांत्रिक यंत्र कार्यभार अधिक होने पर खराबी के लक्षण प्रकट करने लगते हैं । यदि कंप्यूटर को उचित वातावरण में प्रयोग किया जाए तो यह बहुत ही सक्षमता से कार्य कर सकता है । मानव से भी यदि लगातार कार्य करवाया जाए तो एक समय बाद मनुष्य का मस्तिष्क भी थकावट महसूस, करने लगता है और इस कारण वह संतुलन खोकर गलतियां करने लगता है ।
