What is an agent in Computer Science
कंप्यूटर का main काम है इनफार्मेशन को पढ़ कर उन्हें ट्रांसलेट करना और विशलेषण के उपरांत सत्य एवं विश्वनीय परिणाम present करना ।
कंप्यूटर के इस कार्य में कंप्यूटर के विभिन्न भागों के साथ-साथ कंप्यूटर का संचालन करने वाले विभिन्न कारक भी महत्त्वपूर्ण हैं । कंप्यूटर के विभिन्न भाग एवं यह कारक ही मिलकर एक कंप्यूटर सिस्टम का निर्माण करते हैं । जो निम्न हैं –
- Hardware
- Software
- Firmware
- Skin ware
- Human ware
(1) Hardware

कंप्यूट के वे सभी भाग, जिनको छूआ एवं देखा जा सकता है, हार्डवेयर कहलाता है । कंप्यूटर के अन्दर एवं बहार के सभी भाग कंप्यूटर की Input एवं Output Devices आदि संभी Hardware हैं ।
वे Devices, जो कम्पुटर को चलाये जाने के लिये आवश्यक हैं, Standard Device कहलाते हैं जैसे की Keyboard, Floppy drive, Hard disk आदि । इन devices के अतिरिक्त वे devices जिनको कंप्यूटर से जोड़ा जाता है जैसे माउस, प्रिंटर,लाइटपेन, प्लॉटर आदि , Peripheral Devices कहलाती हैं ।
(2) Software
कंप्यूटर में अपनी कोई बुद्धि नहीं होती । कंप्यूटर प्रयोग करता द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप कार्य करता है । यह सन्देश प्रोग्राम की सहायता से कंप्यूटर में सुरक्षित कर लिए जाते हैं । इन्ही प्रोग्राम को सॉफ्टवेर कहा जाता है । अर्थात हम कह सकते हैं की जो कंप्यूटर को निर्णय लेने में परिणाम प्रस्तुत करने में सहायता करता है, वे सभी प्रोग्राम सॉफ्टवेर कहलाते हैं ।
(3) Firmware
सॉफ्टवेर और हार्डवेयर का मिला-जुला रूप ही ‘फर्मवेयर’ है । जिस प्रकार ध्वनि अदृश्य, इसे हम सॉफ्टवेर ही समझ सकते हैं और कैसेट को हम देख सकते हैं । इस प्रकार कैसेट दृश्य है, इसे हम हार्डवेयर की तरह समझ सकते हैं । अब यदि कैसेट पर ध्वनि रिकॉर्ड कर दिया जाये तो यह रिकॉर्डर कैसेट हार्डवेयर के सॉफ्टवेर का सम्मिलित रूप हो जायेगा जिसे की फर्मवेयर कहा जाता है ।
(4) Skin ware
कंप्यूटर के वे अंग, जिनको देखने के लिए कंप्यूटर को खोलने की आवश्यकता नहीं होती है , स्किनवेयर कहलाता है; जैसे – मॉनिटर, की-बोर्ड, माउस, प्रिंटर आदि ।
(5) Human ware
वे सभी मनुष्य कंप्यूटर से किसी भी प्रकार से संबंधित होते हैं, ह्यूमनवेयर कहलाते हैं; जैसे – कंप्यूटर विक्रेता, कंप्यूटर ऑपरेटर, कंप्यूटर प्रोग्रामर, कंप्यूटर टीचर, कंप्यूटर स्टूडेंट आदि ।
Kind of Software
कंप्यूटर को यह निर्देश देना आवश्यक है की उसे कब, क्या और कैसे करना है । इन निर्देशों को श्रिंखलाबद्ध रूप से कंप्यूटर की भाषा में तैयार किया जाता है । ऐसे श्रिंखलाबद्ध निर्देशों के समुह को प्रोग्राम अथवा सॉफ्टवेर कहा जाता है ।
Operating System
इस सॉफ्टवेर में कुछ ऐसे प्रोग्राम संकलन होते हैं जो कंप्यूटर को ON करने के तुरंत बाद आवश्यक होते हैं । इनके द्वारा कम्पुटर को यह ज्ञान मिलता है की हमरे द्वारा दिए गए निर्देश को वह कैसे समझे । कंप्यूटर के संचालन के समय विभिन्न इनपुट और आउटपुट Devices के साथ संवाद के लिए उनके द्वारा प्रयोग किये गए कोड्स कंप्यूटर को Operating System के द्वारा ही ज्ञात होते हैं ।
यदि कंप्यूटर के सभी भाग में कोई अशुद्धि है तो इस सोफ्टवेयर के द्वारा कंप्यूटर त्रुटी भी बता देता है । इस Operating System के माध्यम से कंप्यूटर और ऑपरेटर के मध्य Communication का कार्य करता है । अतः Operating System वह सॉफ्टवेर है जो कंप्यूटर को नियंत्रण रखने, संचालित करने, ऑपरेटर के साथ Communication करने, मेमोरी आदि क्षेत्रो में होने वाली प्रक्रिया की रेख-देख आदि करने का कार्य करता है ।
Utility Program
यूटिलिटी प्रोग्राम कंप्यूटर Manufacturer द्वारा बनाये जाते हैं BIOS (Basic Input Output System) जो की कंप्यूटर की इनपुट और आउटपुट इकाइयों को समय-समय पर प्रयोग करने के लिए निर्देश देता रहता है, एवं इसी प्रकार अन्य प्रोग्राम जो एक निशित प्रकार के काम के ही लिए बनाये गए हैं, यूटिलिटी प्रोग्राम कहलाते हैं ।
कंप्यूटर में वायरस चेक करने के लिये, बनाये गए प्रोग्राम की एक से दूसरी जगह कॉपी करने डिस्क को फॉर्मेट करने आदि के लिए बनाये गए सॉफ्टवेर यूटिलिटी सॉफ्टवेयर ही हैं ।
Language Processor
हम पहले भी चर्चा कर चुके हैं की कंप्यूटर केवल मशीन लैंग्वेज जिसमे Binary संख्या (0,1) प्रयुक्त होती है, को ही समझता है । इसे मशीन भाषा कहते हैं । हम लोग अपनी सुविधा के लिए कंप्यूटर का प्रोग्राम High Level Language में लिखते हैं; जैसे Basic, COBOL, आदि High Level Language के प्रोग्राम को मशीन लैंग्वेज में बदलने के लिए जो सॉफ्टवेर इस्तेमाल करते हैं, उसे लैंग्वेज प्रोसेसर कहते हैं । हाई लेवल की प्रत्येक भाषा (Basic, Cobol, Pascal) इत्यादि के लिए लैंग्वेज प्रोसेसर अलग-अलग होते हैं उदाहरण के लिए, यदि हम बेसिक लैंग्वेज में काम करना चाहें तो पहले GW-Basic अथवा Basica को कंप्यूटर पर लोड करना पड़ेगा जो की बेसिक भाषा के लैंग्वेज प्रोसेसर हैं ।
Application Software
कंप्यूटर द्वारा अनेक कार्य किये जासकते हैं । प्रत्येक कार्य के लिए उससे सम्बंधित एक प्रोग्राम बनाकर कंप्यूटर को देना होता है; ताकि दिए गए निर्देशों के अनुसार ही कंप्यूटर वांछित कार्य करे । इस प्रकार के प्रोग्राम जो कंप्यूटर द्वारा हमारी आवश्यकतानुसार कार्य करवाने के लिए बनाये जाते हैं, एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर कहलाते हैं । जैसे आरक्षण, बही खाता, वेतन तालिका, अंक पत्र आदि बनाने के लिए जो प्रोग्राम बना कर जो हम कंप्यूटर को देते हैं, वह सभी एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर होते हैं । जन्म पत्रिका बनाने के लिए प्रशिद्ध सॉफ्टवेयर Future Point उत्कृष्ट उदाहरण है ।
